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कप्तान साहब इधर दो ध्यान आनलाइन शिकायत पर पुलिस द्वारा गुड वर्क के खिलाफ खेला जा रहा गंदा खेल
पीड़ित को डरा-धमकाकर जबरदस्ती मैं कारवाई नहीं चाहता फोटो खीचकर पीड़ित को न्याय से वंचित कर त्वरित निस्तारण आख्या लगाने का हो रहा खेल
LAKHIMPUR KHERI NEWS: आन लाइन शिकायत करना पीड़ित के लिए जान जोखिम झूठ बोल डरा धमकाकर बस आख्या लग जाए और पीड़ित से पीछा छूटे न्याय जाये भाड़ में पुलिस की यही प्राथमिकता है अब होता यह है ज्यादातर पीड़ित को विपक्षी द्वारा मारपीट की जाती छेड़छाड़ पति व ससुराल द्वारा प्रताड़ित करना आदि मामलों में ज्यादा तर पीड़ित चौंकी थानो में दूरी रात होने और दबंगों द्वारा राह में रोककर डराना धमकाने के उत्पन्न भ्रम के कारण सरकार द्वारा आनलाईन शिकायत पोर्टल योजना का लाभ उठाने के कारण जन सुनवाई केंद्र जाता है और आन लाइन शिकायत दर्ज करा कर राहत की सांस लेता है लेकिन पीड़ित को यह नहीं मालूम की यह आनलाइन शिकायत करना उसके लिए जी का जंजाल बन जाती है।जैसे ही शिकायत स्थानीय चौकी थानों या संबंधित सरकारी कार्यालयों में पहुंतती है बस किसी तरह पीड़ित को बुलाकर यह लिखवा लिया जाता है की मैं यहां से कारवाई नहीं चाहता फोटो खिंचवाने के बाद पीड़ित न घर का रह जाता न घाट का इस मामले में पुलिस को महारथ हासिल है।पीड़ित को दबंग विपक्षी पति ससुरालियों द्वारा या आस पास के लोगों द्वारा प्रताड़ित करने के बाद जैसे ही आनलाइन शिकायत पहुंचती है फ़ौरन पीड़ित हो पीड़िता हो पुलिस द्वारा फोन कर चौकी बुलाया जाता है उक्त पीड़ित की क्या पीड़ा है इससे पुलिस का कुछ लेना देना नहीं चापलूसी का पाठ पढ़ाया जाता डराया धमकाया जाता कुछ नहीं होगा तुमने आन लाइन शिकायत की इसका जवाब देना है फोटो खींचकर और यह लिखवा लिया जाता है कि पीड़ित अब आगे कोई कार्रवाई नहीं चाहता जबकि सोचने वाली बात है। अगर पीड़ित कारवाई नहीं चाहता तो उसने शिकायत क्यों की पुलिस को तो चाहिए शिकायतकर्ता की शिकायत पर ध्यान दें और उसका निस्तारण करें लेकिन ऐसा पुलिस न करके आख्या लगाने के फिराक में रहती है और न विपक्षी से सम्पर्क करती न फरियादी की फरियाद सुनती सिर्फ एक काम पर ध्यान आकर्षित करती है पीड़ित को डरा-धमकाकर आख्या लगा दे देती पीड़ित खून के आशू रोता हुआ लिखने के लिए मजबूर हो जाता खत्म हो जाती न्याय की उम्मीद पुलिस अधीक्षक को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।किस तरह से पीड़ित के जज्बात से खेला जाता कोई देखने वाला नहीं फरधान थाना आईजी आर एस निस्तारण में अपने को सर्वश्रेष्ठ साबित करने के लिए किस तरह से पीड़ितो के साथ खेल खेल रही जिसकी बानगी फरधान थाने के एक गांव की पीड़िता अख्तरी बेगम का पुत्र जेल में हैं और उसके परिवार को मारा-पीटा गया रास्ते में रोककर धमकाया गया घर में घूसकर मारा गया उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र देने के बाद पीड़िता ने एक आन लाइन शिकायत दर्ज क्या कर दीं की पुलिस घर आई पीड़िता से लिखित ले लिया अब आगे कारवाई नहीं चाहती जिसमें पीड़िता व उसके पुत्र से साइन कराकर फोटो खींच लिया विरोध करने पर रेप केस में फांसने की धमकी दी जाती इसी तरह का दूसरा मामला निघासन थाने का है जहां पीड़ित जान मोहम्मद अपनी पत्नी बच्चों को लाने के लिए आन लाइन शिकायत करता पुलिस बुलाती पीड़ित कहता बच्चों की पढ़ाई और परिवार टूट की कगार पर पुलिस समझा बुझाकर कर लिखा लेती मैं यहां से कारवाई नहीं चाहता पीड़ित ससुराल की स्थानीय चौकी जाता जहा उसे बताया जाता घटना स्थल निघासन का वहां जाओ पीड़ित पुनः शिकायत करता फिर पुलिस पीड़ित को बुलाकर यही लिखाकर मैं कारवाई नहीं चाहता पीड़ित उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के बाद तीसरी बार आन लाइन शिकायत करता तो पुनः पुलिस बुला रही परिजनों का कहना है बीबी बच्चों के न आने से पुत्र पागल सा हो गया नेपाल चला गया पुलिस की भ्रष्ट कार्यशैली से मेरा पुत्र आत्महत्या कर लेगा सम्पूर्ण जनपद में इसी तरह का खेल खेला जा रहा आन लाइन शिकायत पीड़ित के लिए जी का जंजाल बन गया है।इसी तरह का तीसरा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शास्त्री नगर की पीड़िता ने महिला थाने छोड़कर स्थानीय चौकी से लेकर प्रधानमंत्री तक शिकायती पत्र दिया लेकिन महिला थाने में शिकायती पत्र नहीं दिया उसके बाद भी मामले को महिला थाने भेज दिया गया ऐसा एक बार नहीं दो तीन बार हुआ पीड़िता को फ़ोन सीओ से आफिस आया पीड़िता ने मामले को सदर कोतवाली भेजने को कहा परंतु पुनः शिकायत पत्र महिला थाने भेज दिया गया जहां दरोगा के बुलाने पर कहा गया आए फोटो खींच वाए क्या खेल हो रहा है क्या आनलाइन शिकायत फोटो आख्या तक सीमित रह गई।कार्रवाई करने से क्यों डरती पुलिस बहुत जल्दी निस्तारण का प्रयास किया जाता अगर इस मामले की जांच हो तो सत प्रतिशत आन लाइन शिकायत करने वाला पीड़ित न्याय से वंचित हैं जो जांच का विषय है। आन लाइन शिकायत को गंभीरता से न लेना पुलिस की भ्रष्ट कार्यशैली को दर्शाता है। अगर सम्पूर्ण जनपद में आन लाइन शिकायत की निस्तारण की आख्या की जांच हो तो बहुत बड़ा भ्रष्टाचार से पर्दा हटेगा थाने चौकी महिला थाने में लगाई जा रही रिपोर्ट संदिग्ध है की पीड़ित को न्याय दिलाने में कितनी पारदर्शी है।