चैत्र माह का प्रथम दिवस है हमारी संस्कृति का नव वर्ष:ओम प्रकाश विभाग प्रचारक

हिंदुत्व से युक्त भजन कीर्तन रहा मुख्य आकर्षण का केंद्र
PRATAPGARH NEWS: भारत जैसे-जैसे आधुनिकीकरण की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे भारतीयों पर पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। पूर्व में स्कूलों और कॉलेजों में हल्दी-कुमकुम की रस्में मनाई जाती थीं,सदाचार का पाठ पढ़ाते थे। समाज और राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले समाज सुधारकों और क्रांतिकारियों की जयंती और वर्षगांठ मनाई जा रही थी,लेकिन इस समय पश्चिमी सभ्यता कुछ जगह हावी हो रही है। कॉलेज की छात्राएं ‘जीन्स’ और ‘टीशर्ट’ में कही-कही महाविद्यालय में विद्यार्जन करती नजर आ रही हैं। पाश्चात्य संस्कृति के व्यवहार के कारण आज की युवा पीढ़ी का नुकसान हो रहा है। इस प्रथा के कारण हमारी मूल हिंदू संस्कृति लुप्त होती जा रही है। उक्त विचार सकल हिंदू समाज समिति के द्वारा सभागंज मानिकपुर के सनराइज गार्डन के प्रांगण में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक ओम प्रकाश ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मनोरंजन के रूप में या शौक के रूप में हम 31 दिसंबर की रात को नए वर्ष की पूर्व संध्या के लिए तैयारी करने लगते हैं और मध्यरात्रि उत्सव में स्वागत करते हैं, लेकिन ऐसा करना हमारी संस्कृति में नहीं है। भारतीय संस्कृति के अनुसार नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के रूप में मनाएं और आनंद लें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय हिंदुओं की जागृति का समय है। इस समय अगर हिंदू सोया रहा तो हिन्दू जाति का भविष्य असुरक्षित होगा, ऐसा वर्तमान की बहुत सारी हिंदू जाति पर हो रही बर्बर घटनाएं इंगित कर रही है,इसका उदाहरण आज बांग्लादेश भी है। उन्होंने कहा कि हम सभी को भारत माता की जय के लिए कार्य करना होगा। सभी हिंदू सहोदर है इस उत्कट भाव से कार्य करना होगा। सम्पूर्ण हिंदू जाति का दुःख मेरा है इस भाव से कार्य करने की आवश्यकता है। श्री ओमप्रकाश  ने बोलते हुए कहा कि हम हिन्दू धर्म के सर्वस्व बलिदान करने वाले सिक्ख परम्परा को कभी नहीं भुलाया जा सकता। आज हमें अपने परिवार और जीवन में समरसता, कुटुंब व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण,स्वदेशी का भाव एवं नागरिक कर्तव्य को अपनाने की आवश्यकता है,जिसके द्वारा भारत एक भव्य  रूप में उदीयमान होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र समक्ष पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलित करके अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्धेश्वर आश्रम कालाकांकर के आनंदाश्रम महराज ने किया।इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ शिवम श्रीवास्तव एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ सृष्टि कुशवाहा, मथुरा प्रसाद धुरिया एवं अखिलेश महाराज रहे उन्होंने भी हिन्दुत्व पर अपने अपने विचार व्यक्त किये। आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में क्षेत्रीय गीत गायकों द्वारा हिंदुत्व से युक्त भजन कीर्तन मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से  ठाकुर प्रकाश सिंह,दयाराम,मिश्रीलाल , रामदेव,श्याम वर्मा, योगेंद्र मिश्र, मौला,नगर अध्यक्ष चन्द्रलता जायसवाल, आशुतोष जायसवाल, विमल जी राकेश मोदनवाल, रामप्रताप, डॉ रामलखन, सतीश,अजय, रामदुलारे, शिवमूरत,राजेश मौर्य, लवकुश बाबा, शिवाकांत, राममनोरथ,विशाल शर्मा, रावेंद्र, सौरभ,अनिल मौर्य सहित भारी संख्या में मातायें बहनें व लोग मौजूद रहे।

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