आकांक्षी जनपद फतेहपुर: 2025 बीत गया, विकास के सवाल आज भी कायम

बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति के अध्यक्ष ने किया जनसंवाद
FATEHPUR NEWS: वर्ष 2025 समाप्त हो गया, लेकिन आकांक्षी जनपद फतेहपुर के विकास से जुड़े बुनियादी सवाल आज भी जस के तस बने हुए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति न होने से आमजन में निराशा दिखाई दे रही है। इन्हीं मुद्दों को लेकर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पर्यावरण पहरूवा प्रवीण पांडेय के नेतृत्व में पूरे वर्ष “मेरी माटी मेरा तीर्थ, मेरा फतेहपुर मैं ही संवारूंगा” जनजागरण अभियान चलाया गया। चलाए गए इस अभियान के तहत गांव-गांव और कस्बों में जाकर लोगों से संवाद किया गया और जनप्रतिनिधियों से विकास को लेकर सवाल पूछे गए। अभियान के दौरान यह बात सामने आई कि वर्ष 2025 में भी फतेहपुर को न तो कोई राजकीय विश्वविद्यालय मिला और न ही केंद्रीय विश्वविद्यालय। वहीं गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, अमर शहीद ठाकुर दरियाव सिंह कृषि महाविद्यालय और पानी विश्वविद्यालय जैसी योजनाएं अब तक कागजों से आगे नहीं बढ़ सकीं। कृषि और उद्योग की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई। खागा क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की अच्छी संभावनाओं के बावजूद न तो दुग्ध संग्रह केंद्र बने और न ही प्रोसेसिंग यूनिट। यमुना-गंगा दोआब क्षेत्र के किसान आज भी मंडी, भंडारण और उचित मूल्य के अभाव में बिचौलियों पर निर्भर हैं। जनसंवाद के दौरान फतेहपुर को मंडल बनाने और खागा को जिला घोषित करने की मांग भी जोर-शोर से उठी। इसके साथ ही प्रस्तावित ऊंचाहार–खागा–अतर्रा–सागर रेलवे लाइन को क्षेत्र के विकास के लिए बेहद जरूरी बताया गया, लेकिन अभी तक इस पर कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। हालांकि अभियान के तहत तालाब संरक्षण और अतिक्रमण हटाने के प्रयासों को एक सकारात्मक पहल बताया गया, जिससे जल स्रोतों के संरक्षण की उम्मीद जगी है। अंत में प्रवीण पांडेय ने जनता से अपील की है कि वे वोट देते समय जाति, डर और लालच से ऊपर उठकर शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, रेलवे और प्रशासनिक विकास जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि “मेरा फतेहपुर मैं ही संवारूंगा” केवल नारा नहीं, बल्कि जनभागीदारी से विकास का संकल्प है।

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