भदोही के कालीनों को हेमटेक्स्टिल-2026 में मिली मजबूत पहचान

अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से निर्यातकों को मिल रही है सकारात्मक प्रतिक्रिया
BHADOHI NEWS: जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में आयोजित हेमटेक्स्टिल-2026 अंतरराष्ट्रीय कालीन एवं टेक्सटाइल मेले में भदोही के हस्तनिर्मित कालीनों ने विदेशी बाजार में अपनी मजबूत और प्रभावशाली पहचान दर्ज कराई। मेले के तीसरे दिन भारतीय पवेलियन में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की लगातार आवाजाही बनी रही, जिससे कालीन नगरी भदोही के निर्यातक काफी उत्साहित दिखे।
इस दौरान एक्सीलेंट कार्पेट ने मेले में स्टॉल लगाए। निर्यातक राजीव गुप्ता अपने स्टॉल नंबर बी-71सी पर स्वयं उपस्थित रहे और विदेशी ग्राहकों को भदोही में निर्मित हस्तनिर्मित कालीनों की पारंपरिक बुनाई कला, उत्कृष्ट फिनिशिंग और आधुनिक डिजाइनों की विशेषताओं की जानकारी दी। स्टॉल पर प्रदर्शित कालीनों की बारीक कारीगरी, रंग संयोजन और गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने विशेष रूप से सराहा। इस अवसर पर पहली बार जर्मनी पहुंचीं सोनाली गुप्ता, सीजल गुप्ता एवं काव्या गुप्ता ने भी मेले में सक्रिय भागीदारी की। विदेशी ग्राहकों से संवाद कर वे उत्साहित नजर आईं और भदोही के कालीनों को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया पर प्रसन्नता व्यक्त की। मेले में कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के नेतृत्व में 50 भारतीय कालीन निर्यातकों द्वारा अपने स्टालों पर विभिन्न प्रकार के कालीनों के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिनमें से अधिकांश कालीन नगरी भदोही के निर्यातक हैं। सीईपीसी चेयरमैन कैप्टन मुकेश कुमार गोंबर ने बताया कि हेमटेक्स्टिल जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय कालीनों को मिल रही सराहना देश के कारीगरों और निर्यात उद्योग के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यह खासकर भदोही के कालीन उद्योग के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देती है।

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