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पीड़िता उषा देवी ने जिलाधिकारी को सौंपा शिकायती पत्र
FATEHPUR NEWS: थाना असोथर क्षेत्र अंतर्गत कठवारा गांव निवासी आंगनबाड़ी कार्यकत्री उषा देवी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बाल विकास परियोजना की मुख्य सेविका शारदा वर्मा पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, अभिलेख जब्त करने, धमकी देने एवं जातिसूचक शब्दों के प्रयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़िता उषा देवी पत्नी दुर्गा प्रसाद वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्र कठवारा द्वितीय में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें उनके मूल केंद्र के साथ-साथ सुल्तानपुर आंगनबाड़ी केंद्र का अतिरिक्त चार्ज भी दिया गया है, जिसकी दूरी लगभग 18 किलोमीटर है। चार्ज दिए जाने के समय उन्होंने नजदीकी कार्यकत्री को जिम्मेदारी सौंपने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। पीड़िता का आरोप है कि सुल्तानपुर केंद्र का चार्ज केवल नाम मात्र उनके पास है, जबकि पोषाहार वितरण स्वयं मुख्य सेविका शारदा वर्मा द्वारा किया जाता है। इसी तरह अन्य रिक्त केंद्रों का संचालन भी दूर की कार्यकत्रियों के नाम पर कराकर बचा हुआ पोषाहार जबरन बिकवाया जाता है। उषा देवी ने आरोप लगाया कि मुख्य सेविका द्वारा पोषाहार वितरण (दाल, दलिया, तेल, पंजीरी) के नाम पर 1500 रुपये प्रतिमाह तथा एमपीआर रिपोर्ट के नाम पर 100 रुपये प्रतिमाह की अवैध वसूली की जाती है। निरीक्षण के दौरान 2000 से 5000 रुपये तक की मांग की जाती है और न देने पर गाली-गलौज व नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। पीड़िता ने बताया कि 17 जनवरी 2026 को चकसकरन में आयोजित बैठक के दौरान मुख्य सेविका द्वारा दोनों केंद्रों के अभिलेख मांगे गए। देर से पहुंचने पर बाद में बरौहा मोड़ पर अभिलेख दिखाए गए, जिन्हें यह कहकर अपने साथ ले लिया गया कि रजिस्टर सही नहीं हैं। इसके बाद 5000 रुपये की मांग की गई और अभिलेख आज तक वापस नहीं किए गए। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि उसी दिन चकसकरन स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर बैठक के दौरान पैसों की वसूली का वीडियो वायरल हुआ है, जिसकी क्लिप प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न की गई है। साथ ही पीड़िता को मोबाइल नंबर 9792277604 से धमकी भरे फोन किए गए, जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी संलग्न बताई गई है। उषा देवी ने मुख्य सेविका पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग, जैसे “चमारिन, बदतमीज, गंदी जाति” कहकर मानसिक उत्पीड़न करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि समस्त बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराकर मुख्य सेविका शारदा वर्मा के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि विभाग की छवि धूमिल न हो और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां भयमुक्त होकर कार्य कर सकें। इस दौरान ज्ञानमती, लक्ष्मी, सीमा, रेखा, मीणा, संगीता, फूलमती, रानो, सुमन, प्रियंका, सिया रानी, कुंती, कृष्णा देवी, शशिकला, मिथिला देवी, पार्वती, शिव प्यारी सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।