शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी का अपमान अक्षम्य-प्रमोद तिवारी

राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता ने संत महात्माओं की गरिमा पर ठेस पहुंचाने को लेकर भाजपा को घेरा
PRATAPGARH NEWS: राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने मौनी अमावस्या पर्व पर तीर्थराज प्रयाग में जगदगुरू स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महराज और उनके शिष्यों तथा सन्तों की टोली के अपमान को लेकर भाजपा की तगड़ी घेराबंदी की है। उन्होने कहा कि किसी भी कीमत पर सरकार और प्रशासन को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी और उनके साथ स्नान करने जा रहे संतो व शिष्यों के अपमान से जुडे इस प्रकार के कदम से बचना चाहिए था। उन्होने कहा कि भाजपा संस्कृति और धर्म का ढ़िढोरा सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए ही पीटा करती है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा के राज में संत और महात्माओं तथा शंकराचार्य जैसे सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक की भी गरिमा सुरक्षित नही है। उन्होने कहा कि इस प्रकार के घटना से पूरे देश के श्रद्धालुओं की भावनाओं पर भी आघात पहुंचा है। सांसद प्रमोद तिवारी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के अपमान की घटना की कठोरतम निंदा भी की है। उन्होने कहा कि भाजपा सरकार को शंकराचार्य और संत महात्माओं के अपमान को लेकर देश के सामने अपनी जबाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। वही उन्होने वाराणसी में मंदिरो के तोडफोड की कार्रवाई को भी भाजपा का अक्षम्य अपराध कहा है। सांसद प्रमोद तिवारी का यह बयान मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से मंगलवार को यहां निर्गत हुआ है।

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