स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण के दूसरे नोटिस का जवाब भेजा

PRAYAGRAJ NEWS:  प्रयागराज मेला प्राधिकरण के दूसरे नोटिस के जवाब में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद माहराज ने लिखा- ”पालकी से चलना धार्मिक कृत्य का अभिन्न अंग है। ये आदि शंकराचार्य के काल से 2500 सालों से चला आ रहा है”
”अधिकारियों ने शंकराचार्य की मर्यादा को खंडित किया। उनके अनुयाइयों को पीटा। पुलिसकर्मियों ने पालकी को घसीटकर अपराधियों जैसा सलूक किया। परेड और नुमाइश करके उपहास उड़ाया”
”पालकी को ऐसी जगह ले जाकर खड़ा कर दिया, जिससे वो नदी में गिर जाए। एक तरह से हत्या का प्रयास किया गया। पालकी को कोई बग्घी नहीं कह सकता, क्योंकि उसमें पहिये नहीं थे”

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