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VARANASI NEWS: हरिश्चंद्र महाविद्यालय में 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडोत्तोलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर रजनीश कुँवर ने उच्च शिक्षा निदेशक के संदेश का वाचन किया। प्रोफेसर रजनीश कुँवर ने कहा कि आज़ादी मिलना ही काफी नहीं था, बल्कि इसके मूल्यों को आत्मसात करना हर नागरिक का कर्तव्य है। इसीलिए हमारे संविधान निर्माताओं ने वो दिव्य दस्तावेज़ रचा, जिसने हमारे गणतंत्र को मजबूत आधार दिया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सभी नागरिकों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने आगे बताया कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, राजेन्द्र प्रसाद जैसे महापुरुषों की सूझबूझ और दूरदर्शिता ने हमें संविधान का वो प्रकाशस्तंभ दिया, जो हमें लोकतंत्र के अंधकार से निकालकर न्याय, समानता और भाईचारे के उजाले में लाता है। छात्रों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी जब युवा वर्ग नवाचार, उद्यमिता, शोध और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ेगा। शिक्षा को केवल रोजगार तक सीमित न रखते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक परिवर्तन पहुंचाने का माध्यम बनाना होगा। इस अवसर पर उन्होंने ने विगत वर्ष के महाविद्यालय की उपलब्धियां और वर्तमान वर्ष की कार्य योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में सफलता का परचम लहराने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय में नवनिर्मित ‘डॉक्टर बद्री नारायण सिंह स्मृति संगोष्ठी सभागार’ का उद्घाटन अमेरिका, ओरेगन से पधारी श्रीमती अलका कुमार के ने अपने पिता के स्मृति में किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स ने एनसीसी कमांडर डॉक्टर राम आशीष के नेतृत्व में प्राचार्य को गार्ड आफ ऑनर भी दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर ऋचा सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रोफेसर विश्वनाथ वर्मा, प्रोफेसर अनिल कुमार, प्रोफेसर अशोक कुमार सिंह, प्रोफेसर बी. के. निर्मल, प्रोफेसर संगीता शुक्ला, प्रोफेसर अनुपम शाही, प्रोफेसर जगदीश सिंह, डॉक्टर शिवानंद, प्रोफेसर संजय श्रीवास्तव, प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।