यूसीसी काला कानून, इसमें सुधार नहीं बल्कि वापसी ज़रूरी: राजीव रतूड़ी

JHANSI NEWS: अंतरराष्ट्रीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव रतूड़ी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का कड़ा विरोध करते हुए इसे काला कानून करार दिया है। उन्होंने कहा कि यूसीसी समाज को एकजुट करने के बजाय विभाजन की ओर ले जा रही है और यह देश की सांस्कृतिक, सामाजिक एवं धार्मिक विविधता पर सीधा प्रहार है। राजीव रतूड़ी ने कहा कि यूसीसी के नाम पर जनता पर जबरन कानून थोपना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस कानून में किसी प्रकार के सुधार की बात करना जनता को भ्रमित करने जैसा है, क्योंकि यह कानून मूल रूप से ही जनविरोधी है। ऐसे में इसमें संशोधन नहीं, बल्कि इसे पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूसीसी संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत आस्थाओं का उल्लंघन करती है। यह कानून बिना व्यापक जनसंवाद और समाज के सभी वर्गों से सहमति लिए लागू किया जा रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
राजीव रतूड़ी ने सरकार से मांग की कि यूसीसी को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू महासभा इस मुद्दे को लेकर सड़क से संसद तक आंदोलन करेगी और जब तक यह काला कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आम जनता से भी आह्वान किया कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों और ऐसे कानूनों का विरोध करें जो समाज की मूल संरचना को नुकसान पहुँचाते हैं।

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