बुंदेलखंड राज्य की मांग: 51वीं बार खून से लिखे 51 खत लेकर राष्ट्रपति भवन कूच, जंतर–मंतर पर पुलिस से झड़प

बजट सत्र का हवाला देकर रोका गया मार्च, आंदोलनकारियों ने लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का लगाया आरोप

FATEHPUR /NEW DEHLI NEWS: बुंदेलखंड को पृथक राज्य बनाए जाने की मांग एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी में उग्र रूप में सामने आई। रविवार को बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के स्वयंसेवकों ने 51वीं बार खून से लिखे गए 51 पत्र महामहिम राष्ट्रपति महोदया को सौंपने के लिए जंतर–मंतर से राष्ट्रपति भवन की ओर कूच किया, लेकिन भारी पुलिस बल ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ‘पर्यावरण पहरूवा’ के नेतृत्व में कार्यकर्ता खून से लिखी तख्तियाँ, पोस्टर और नारे हाथों में लेकर जंतर–मंतर पर एकत्र हुए। उनका कहना था कि बुंदेलखंड की उपेक्षा अब असहनीय हो चुकी है और पृथक राज्य ही इस क्षेत्र के विकास का एकमात्र समाधान है। निर्धारित समय पर पूर्वांचल राज्य जनआंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुज राही हिन्दुस्तानी, बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के प्रदेश अध्यक्ष यज्ञेश गुप्ता समेत अनेक संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करते हुए निकले। जंतर–मंतर से करीब 100 मीटर आगे बढ़ते ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। मौके पर मौजूद चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बजट सत्र का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति न होने की बात कही। इससे आक्रोशित आंदोलनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद आंदोलनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और यह आश्वासन देकर ज्ञापन लिया कि उसे संवैधानिक माध्यम से राष्ट्रपति तक पहुंचाया जाएगा। अनुज राही हिन्दुस्तानी ने कहा कि पृथक राज्य की मांग लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे दबाना संविधान की भावना के खिलाफ है। वहीं प्रवीण पांडेय ‘पर्यावरण पहरूवा’ ने कहा— “जो लोग खून से खत लिख रहे हैं, वे जरूरत पड़ी तो बुंदेलखंड के लिए खून बहाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।” उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में बजट सत्र के दौरान सांसदों और विधायकों के आवासों की परिक्रमा कर उन्हें बुंदेलखंड के सवाल से रूबरू कराया जाएगा। इस प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *