कैमहरा गांव में चल रही श्री राम कथा का श्री राम जी के विवाह के प्रसंग के साथ हुआ समापन

LAKHIMPUR KHERI NEWS:  कैमहरा गांव में 25 जनवरी से चल रही श्रीमद् भागवत कथा एवं श्री राम कथा का समापन 31 जनवरी श्री राम जी के प्रसंग के साथ हुआ जिसमें कथा व्यास शिव प्रकाश मिश्रा ने भगवान राम और माता सीता के दिव्य विवाह की कथा सुनाई गई जो रामायण में वर्णित है, मिथिला के राजा जनक द्वारा आयोजित सीता स्वयंवर में भगवान राम द्वारा शिव धनुष पिनाक तोड़ने के बाद यह विवाह संपन्न हुआ, जो मर्यादा, धर्म, प्रेम और आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक है और भारत में विवाह पंचमी के रूप में मनाया जाता है, जहाँ उनके चारों भाइयों लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का विवाह भी हुआ। मिथिला के राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर का आयोजन किया, जिसमें शर्त थी कि शिव के धनुष ‘पिनाक’ को तोड़ने वाला ही सीता से विवाह कर सकेगा। भगवान राम ने विश्वामित्र के साथ वहाँ जाकर पिनाक धनुष को तोड़ दिया, जिससे सीता ने उन्हें वरमाला पहनाई विवाह की घोषणा और बारात यह समाचार अयोध्या भेजा गया, जिसके बाद राजा दशरथ अपनी बारात लेकर मिथिला पहुंचे, यह विवाह केवल राम और सीता का नहीं, बल्कि उनके भाइयों लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का भी हुआ, जिनका विवाह सीता की बहनों उर्मिला, मांडवी और श्रुतकीर्ति से हुआ।  यह प्रसंग सनातन धर्म में आदर्श दांपत्य जीवन, त्याग, सम्मान और पवित्र प्रेम का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है, जो हर भक्त को निष्ठा और सद्भाव की प्रेरणा देता है। श्री राम जी के विवाह का प्रसंग सुन श्रोता भाव विभोर हो गए, इसी के साथ ही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत व श्री राम कथा का समापन हुआ।

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