धर्म के चार चरणों में सिर्फ बचा है कीर्तन : मनीष शरण जी महाराज

उरमौरा स्थित गायत्री भवन परिसर में भागवत कथा सुनने को जुटे श्रद्धालु
SONBHADRA NEWS:  उरमौरा स्थित गायत्री भवन परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को अयोध्या धाम से आए कथा व्यास मनीष शरण जी महाराज ने बताया कि धर्म के चार चरण होते हैं, पवित्रता,दया,तप,और कीर्तन,जिसमें पवित्रता, दया व तप तो अब समाप्त हो गए हैं अब इस कलिकाल में केवल एक ही चरण बचा है जिसका नाम कीर्तन है। श्री राम चरित् मानस से उदाहरण देते हुए कहा, कलिकर एक पुनीत प्रतापा, मानस पुण्य होहिं नहीं पापा। कलियुग केवल हरिगुण गाहा, गावत नर पावत भव थाहा।कलियुग में मन से किया हुआ पाप–पाप की श्रेणी में नही जायेगा, लेकिन कलियुग में मन से किया गया पुण्य पुण्य की श्रेणी में जायेगा।
इस अवसर पर मुख्य यजमान पवन मिश्र एड पूरे परिवार सहित,राजीव सिंह अध्यक्ष अधिवक्ता परिषद, विनोद शुक्ल, आनंद ओझा, शैलेन्द्र केशरी, नवीन पांडे, अंकित सिंह गौतम, लाला अभिषेक,शक्ति सेन, अनिल मौर्य आदि महिलाएं, बच्चे भागवत प्रेमी उपस्थित रहे।

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