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SONBHADRA NEWS: ढाई वर्ष पूर्व पिपरी थाना क्षेत्र स्थित मूर्धवा मोड़ के पास से दो तस्करों के साथ ट्रक के केबिन से बरामद 320 किलोग्राम गांजा के मामले में विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट सोनभद्र आबिद शमीम की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दो तस्करों अर्जुन राम व शर्मानन्द पटेल उर्फ विक्की को 10-10 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई। उनके ऊपर दो-दो लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 17 अगस्त 2023 को दोपहर 12 बजे रवि प्रकाश कं. आसूचना अधिकारी स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, क्षेत्रीय इकाई लखनऊ को विमल कुमार सिंह पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ लखनऊ से सूचना मिली कि दो तस्कर अर्जुन राम पुत्र स्वर्गीय भिखारी राम निवासी बनिया छापर, थाना कुचेयाकोट, जिला गोपालगंज बिहार व शर्मानन्द पटेल उर्फ विक्की पुत्र स्वर्गीय रामजनम पटेल निवासी दोस्तियां, थाना चैनपुर, जिला मोतिहारी बिहार जो ट्रक के कैबिन में बने गुप्त स्थान में भारी मात्रा में गांजा छुपाकर ले जा रहे हैं। जो 18 अगस्त 2023 को मूर्धवा मोड़ से होकर गुजरने की सम्भावना है। इस सूचना पर पुलिस की कई टीम गठित कर ट्रक के आने का टीम इंतजार करने लगी। इसीबीच दोपहर बाद 3:20 बजे बभनी की ओर से ट्रक आती दिखाई दी। नजदीक आने पर जब ट्रक को रोककर अपना परिचय देते हुए टीम ने पूछताछ की तो दोनों तस्करों ने अपना नाम पता सूचना के अनुरूप ही बताया। जब गांजा के बारे में कड़ाई से पूछताछ की गई तो तस्करों ने ट्रक की केबिन में बने गुप्त स्थान से 160 पैकेज निकाला। प्रत्येक पैकेट 2 किलोग्राम का था। इस प्रकार से कुल 320 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर पिपरी पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट में चालान कर दिया गया। पुलिस विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर गम्भीर प्रकृति का अपराध मानते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी तस्करों अर्जुन राम व शर्मानन्द पटेल उर्फ विक्की को 10-10 वर्ष की कठोर कैद व 2-2 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील शशांक शेखर मिश्र ने बहस की।