सांसारिक बंधनों से मुक्ति और प्रभु भक्ति का संदेश दे रही भागवत कथा

AMETHI NEWS: जनपद के नरैनी क्षेत्र में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य दंडी स्वामी विनोदानंद सरस्वती महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संदेश दिया। मुख्य यजमान राम धीरज पाण्डेय एवं उनकी धर्मपत्नी मंजुला पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा का रसपान करने पहुंचे। दूसरे दिन की कथा में आचार्य जी ने राजा परीक्षित और शुकदेव जी के पावन प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि तक्षक सर्प के श्राप के बाद जब राजा परीक्षित ने मोक्ष का मार्ग जानने की इच्छा व्यक्त की, तब शुकदेव जी का आगमन हुआ और उन्होंने उन्हें भगवान की भक्ति के माध्यम से जीवन का परम लक्ष्य समझाया।
इसके साथ ही विदुर और मैत्रेय ऋषि के संवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रसंग मानव जीवन में सदाचार और सत्संग के महत्व को दर्शाता है। कथा के दौरान सृष्टि की उत्पत्ति, ब्रह्मा जी द्वारा रचना तथा भगवान विष्णु के वराह अवतार की रोचक कथा भी सुनाई गई, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। आचार्य ने भगवान कपिल और माता देवहूति के संवाद के माध्यम से सांख्य योग और आत्मज्ञान का महत्व बताते हुए कहा कि सच्ची भक्ति ही मनुष्य को परम शांति प्रदान करती है और श्रेष्ठ संगति जीवन को सही दिशा देती है। कथा के दूसरे दिन जितेंद्र पाण्डेय, रविशंकर पाण्डेय, ओम शंकर पाण्डेय, संचित पाण्डेय, अंकित पाण्डेय, नेहा पाण्डेय, ममता पाण्डेय, पूर्णिमा पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में उपस्थित रहे और भगवान विष्णु के विविध अवतारों की कथा का आनंद लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *