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MIRZAPUR NEWS: (अमरेश चन्द्र पाण्डेय) महाराष्ट्र में हवाई दुर्घटना में दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का अस्थि कलश लेकर अरुण दूबे महाराष्ट्र से ट्रेन से मीरजापुर वहां से अपने निवास स्थान भरपूरा पहुंचे। जहां से जनसमुदाय के द्वारा अस्थि कलश के दर्शन अश्रु पूरित नेत्रों से पुष्पाजंलि अर्पण के साथ अस्थि कलश का पूजन व हवन के लगभग दो घंटे बाद अरुण दूबे लगभग एक दर्जन गाड़ियों के काफिले के साथ बनारस रवाना हो गये जहां वे अस्सी घाट पर अस्थि विसर्जन करेंगे। अरुण दूबे भरपूरा निवासी प्रतिष्ठित व्यक्ति देवमणि दूबे उर्फ मक्खड़ दूबे के पुत्र हैं। महाराष्ट्र में अस्थिकलश बनारस में प्रवाहित करने की जिम्मेदारी अरुण दूबे को दी गई थी। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के परिवार से अरुण दूबे का निकटतम व पारिवारिक सम्बन्ध है। जिम्मेदारी मिलने पर वे महाराष्ट्र से नम आंखो के साथ श्रद्धा से ट्रेन द्वारा मीरजापुर के लिये रवाना हुए। जहां रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों के काफिले के साथ भरपूरा के लोग तथा अजीत दादा को चाहने वाले तमाम अन्य लोगों द्वारा उन्हें रिसीव किया गया, जहां से वे अस्थि कलश के साथ अपने पैतृक निवास भरपूरा पहुंचे। भरपूरा में अरुण दूबे के पिता देवमणि दूबे उर्फ मक्खड़ दूबे व भाई अमर दूबे ने पहले से ही वृहद व्यवस्था कर रखी थी। गांव में लगभग दो घंटे तक अस्थि कलश रुकी रही, जहां गांव व क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने अस्थि कलश के दर्शन किए व पृष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की व लोगों ने अजित पवार की धर्मपत्नी श्रीमती सुनेत्रा पवार (उपमुख्यमंत्री) को इस असहय दुख को सहन करने की कामना की तथा यह भी कामना की कि अजीत दादा के छोड़े गए अधूरे कार्य को पूर्ण करने हेतू ईश्वर इनकी धर्मपत्नी सुनेत्रा पवार को असीम शक्ति प्रदान करे। तत्पश्चात वैदिक ब्राह्मणों द्वारा अस्थिकलश का पूजन व विधिवत हनन किया गया। लगभग दो घंटे भरपूरा रुकने के बाद अरुण दूबे भारी काफिले के साथ बनारस के लिये खाना हो गये जहां वे लगभग चार बजे सायं अस्सी घाट पर अस्थिकलश विसर्जित कर ट्रेन से महाराष्ट्र के लिये रवाना हो जाएंगे। भरपूरा के प्रतिष्ठित व्यक्ति व समाजसेवी कन्हैया सिंह ने अजीत दादा के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर चन्दन दूबे भिलगों, प्रेमजी तिवारी भरपूरा, कृष्णकुमार तिवारी दुर्गेश पटेल, रामजीधर दूबे, मंटूचौबे ग्रामप्रधान लोकापुर आदि भारी संख्या में लोग मौजूद थे।