मनरेगा घोटाले का आरोप, प्रधान पर गबन का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

FATEHPUR NEWS:  विकास खंड असोथर अंतर्गत ग्रामसभा ऐझी में मनरेगा सहित विभिन्न विकास कार्यों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मंगलवार को जिलाधिकारी से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा की धनराशि का गबन किया गया है तथा जमीनी स्तर पर बिना कार्य कराए सरकारी धन की बंदरबांट की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि ग्रामसभा ऐझी में विद्यालय परिसर की वह भूमि, जो ग्रामवासियों द्वारा दान स्वरूप दी गई थी (गाटा संख्या 10-921), उसमें कराए गए बलकट कार्य, हैंडपंप रिबोर, नाली निर्माण तथा तालाब खुदाई जैसे कार्यों में गंभीर अनियमितताएं की गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन कार्यों में कागजों में भुगतान कर दिया गया, जबकि मौके पर कोई वास्तविक कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मनरेगा के तहत मजदूरी से होने वाले कार्य जेसीबी मशीनों से कराए गए, जो नियमों के विरुद्ध है। इसके अलावा वर्ष 2022 में लगभग 500 मनरेगा जॉब कार्ड ग्राम प्रधान द्वारा निरस्त कराए गए, लेकिन पूर्व में जारी की गई धनराशि का समुचित हिसाब नहीं दिया गया और उसे गबन कर लिया गया। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि ग्राम प्रधान हेमसुता एवं उनके सहयोगियों द्वारा ग्रामसभा की कई योजनाओं में लगातार भ्रष्टाचार किया जा रहा है, जिससे गांव में वास्तविक विकास कार्य नहीं हो पाए और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने जागरूक नागरिक होने के नाते समाज और गांव के हित में यह शिकायत दर्ज कराई है, क्योंकि बार-बार शिकायत के बावजूद ग्राम प्रधान के रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ और गांव की बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि ग्रामसभा ऐझी में हुए कथित लूट, घूसखोरी और गबन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर ग्राम प्रधान एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर सौरभ सिंह, मानसिंह, राकेश कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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