श्रीराम नाम के जप में जीवन के कष्टों से मिलती है मुक्ति:आचार्य विनीत जी

तीन दिवसीय मानस सम्मेलन के विश्राम दिवस पर प्रभु संकीर्तन में उमड़े श्रद्धालु

PRATAPGARH NEWS:  लालगंज नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कालेज में तीन दिवसीय मानस सम्मेलन के विश्राम दिवस पर कथाव्यास श्रीधाम अयोध्या से पधारे आचार्य विनीत जी महराज द्वारा श्रीराम नाम महामंत्र का गुणगान सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे दिखे। सावित्री वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वाधान में हो रहे मानस सम्मेलन का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक आचार्य राम अवधेश मिश्र, समाजसेवी प्रकाशचंद्र मिश्र, संयोजक अनूप प्रतापगढ़ी, प्रधानाचार्य उमाशंकर मिश्र ने श्रीराम दरबार के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कथा सुनाते हुए विनीत जी महराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का नाम जप महामंत्र है। उन्होने कहा कि प्रभु श्रीराम करूणानिधान हैं और वह सदैव कृपावान रहते है। उन्होने बताया कि जीवन में विकट से विकट परिस्थितियों से श्रीराम का मंत्र ही सहारा बना करता है। आचार्य विनीत जी ने श्रद्धालुओं से कहा कि अर्थ, काम, क्रोध, लोभ के प्रपंचना से मुक्ति ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने कहा कि रामनाम का उच्चारण होते ही पाप स्वयं नष्ट हो जाया करते हैं। सनातन संस्कृति की महिमा का वर्णन करते हुए आचार्य विनीत जी ने कहा कि सनातन संस्कृति अनन्त है और यह हमारे जीवन की मर्यादा है। उन्होने कहा कि माया के भंवर में प्रभु को भूलना ही जीवन में कष्ट को आमंत्रण है। कथाव्यास ने श्रीभरत जी के चरित्र का बखान करते हुए कहा कि स्वयं प्रभु श्रीराम ने बताया कि भरत का मन मां जमुना की तरह निर्मल है। कथा के दौरान श्रीराम नाम संकीर्तन व सुमधुर भजनों पर भी श्रद्धालुओं को भावपूर्ण संगत में देखा गया। स्वागत सह संयोजक अधिवक्ता ज्ञानप्रकाश शुक्ल व संचालन साहित्यकार जयप्रकाश पाण्डेय सरस ने किया। आभार प्रदर्शन संयोजक अनूप प्रतापगढ़ी ने किया। प्रधानाचार्य प्रदोष नारायण सिंह, समाजसेवी राजेन्द्र द्विवेदी, प्रेम नारायण तिवारी ने आयोजन समिति की ओर से व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। इस मौके पर संतोष सिंह, फूलचंद्र पाण्डेय, केशवराम ओझा, अखिलेश मिश्र, विनोद मिश्र, अंजनी अमोघ, अभिषेक पाण्डेय, पवन तिवारी, श्रवण मिश्र, श्रीकांत द्विवेदी, रवि तिवारी, जितेन्द्र सिंह, कुलदीप सिंह, अवनीश शुक्ला, प्रेमशंकर त्रिपाठी आदि रहे।

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