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भोजपुरी स्टार रितेश, अभिनेत्री आस्था तथा रवि त्रिपाठी की प्रस्तुतियों को देख मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
PRATAPGARH NEWS: बाबा घुइसरनाथ धाम में तीन दिवसीय इक्तीसवें राष्ट्रीय एकता महोत्सव में सोमवार की शाम से शुरू हुआ भक्ति, लोकगीत, नृत्य नाटिकाएं व राष्ट्र प्रेम के बीच भोजपुरिया तरानों के संगम में पूरी की पूरी रात गुलजार दिखी। सुपरस्टार रितेश पाण्डेय व अभिनेत्री आस्था सिंह एवं पार्श्व गायक रवि त्रिपाठी के भजनों व भोजपुरिया फिल्मी तरानों में दर्शकों का उत्साह चरम पर दिखा। वहीं राजस्थान, हरियाणा व यूपी की संस्कृति की झलक लिए विविध लोकनृत्य देख कर भी दर्शक आनंदित हुए। लखनऊ के कलाकारों का भी वतनपरस्ती का जज्बा महोत्सव के ध्येय को चार चांद लगा गया। खचाखच भरे आडीटोरियम के साथ अति विशिष्ट दीर्घा में छज्जे तक का नजारा दर्शकों के जोश को एक से बढ़कर एक कार्यक्रमों में बढ़ाता गया। वहीं महिला दीर्घा में भी कार्यक्रमों को देखने का उत्साह और उल्लास महोत्सव की रंगत को गाढ़ा किये हुए दिखा। जाने माने भोजपुरी स्टार रितेश पाण्डेय ने बाबा धाम में ओम नमः शिवाय का भजन प्रस्तुत किया तो दर्शकों ने भी सुर में सुर मिलाया। वहीं रितेश ने विश्वास करा तू मईया के देवी आराधना की भी मनमोहक प्रस्तुति दी। रितेश ने अपना चर्चित भोजपुरिया गीत जा ए चंदा ले आवा खबरिया का चर्चित भोजपुरिया प्रस्तुत किया तब श्रोताओं का मन बेकाबू हो उठा। वहीं रितेश ने पाण्डेय जी का बेटा हूं लटके झटके के साथ सुनाना शुरू किया तो दर्शक दीर्घा में बडी संख्या में मौजूद युवक भी थिरकने लगे। भोजपुरी स्टार आस्था सिंह रितेश के गीतों पर ठुमके लगाकर बेहतरीन संगत में दिखी। आस्था ने बालम संग खटिया .. अइसे ना सतावा हमके मर जाईब गुजरिया हो व प्यार केतनो से न करिहा की प्रस्तुतियों में मनमोहक ठुमके लगाये। पार्श्वगायक रवि त्रिपाठी ने बोल बम बोल के साथ कलात्मक संस्कृति को मंच पर जीवन्त बनाया। लाफ्टर राजेन्द्र विश्वकर्मा हरिहर ने भी अपने गजब के अंदाज में महोत्सव में हंसी के फव्वारे छोड़े। रिदम संस्था दिल्ली से आये कलाकारों ने भारत हमको जान से प्यारा, ए वतन, वतन मेरे आबाद रहे तू, तेरी मिटटी संदेश आते हैं जैसे राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियां देकर देश की महिमा का बखान किया। लखनऊ से आये कलाकारों ने शास्त्रीय नृत्य के साथ कृष्णा.. मोहे रंग दो लाल, केसरिया बालम जैसे भावनृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दी। पौराणिक नृत्य नाटिका भस्मासुर वध व कालिया मर्दन का मंचन देख भी दर्शक भावविभोर हो उठे दिखे। वहीं मंच पर राजस्थानी, हरियाणवी व अवध की लोक संस्कृति की झलक भी बुलंदी पर दिखी। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी तथा महोत्सव की संयोजिका एवं क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना ने प्रस्तुति देने वाले चोटी के कलाकारों रितेश पाण्डेय, आस्था सिंह, रवि त्रिपाठी, नीतू सिंह को मोमेण्टो तथा शॉल व माल्यार्पण कर सम्मानित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संयोजन पार्श्वगायक रवि त्रिपाठी व संचालन राजेन्द्र विश्वकर्मा हरिहर ने किया।