अपराधियों का महिमामंडन स्वीकार्य नहीं, समाज का भला करने के बजाय,उल्टे प्रशासन के हर कार्य में रोड़े डाल रहे सपाई
(मन के स्वन) मन चंचल है,मन चिंतित है, मन अर्धमग्न है,मन किंचित है। मन को कैसे समझाएं प्यारे, मन तो सत्य से वंचित है।